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Sunday, 9 March 2008

अजित पुष्कल और सत्यकेतु सम्मानित

सांस्कृतिक एवं नाट्य संस्था 'समयांतर` की ओर से वरिष्ठ नाटककार और साहित्यकार अजित पुष्कल को उनके उत्कृष्ट और सतत नाटक लेखन के लिए 'लक्ष्मीकांत वर्मा नाट्य लेखन सम्मान` और युवा कथाकार और पत्रकार रणविजय सिंह सत्यकेतु को पत्रकारिता में भाषा और कथ्य के स्तर पर अलग स्वाद और दृष्टिसंपन्न नाट्य समालोचना के लिए 'लक्ष्मीकांत वर्मा सांस्कृतिक पत्रकारिता सम्मान` प्रदान किया गया। साथ ही इस वर्ष के पुरुष रंगकर्मी के रूप में सुधीर सिन्हा को पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार १५ से १८ फरवरी तक इलाहाबाद में आयोजित स्व. लक्ष्मीकांत वर्मा स्मृति नाट्य समारोह-२००८ केसमापन पर दिया गया। चार दिवसीय समारोह का उद्घाटन पलोक बसु और समापन उ?ार प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के उपसभापति बाबूलाल भंवरा ने किया। पहले दिन 'समानांतर` की ओर से अनिल रंजन भौमिक के निर्देशन में सत्यजीत रे लिखित और अख्तर अली द्वारा रूपांतरित नाटक 'असमंजस बाबू` और ममता कालिया लिखित 'उनका जाना` का मंचन किया गया। दूसरे दिन 'थर्ड बेल` भोपाल की ओर से अनूप जोशी के निर्देशन में महेश एल कुंचवार लिखित 'आर त क्षण` की प्रस्तुति हुई। तीसरे दिन 'आधारशिला` इलाहाबाद की ओर से अजय केशरी के निर्देशन में डॉ. चंद्र लिखित 'लड़ाई जारी है` का मंचन किया गया। चौथे और आखिरी दिन 'समन्वय` इलाहाबाद ने सुषमा शर्मा के निर्देशन में कमलेश्वर लिखित 'राजा निरबंसिया` की प्रस्तुति की। इस दौरान 'नाट्य प्रस्तुतियों में दर्शकों की उदासीनता` विषय पर विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई।