Thursday, 31 December, 2009

भारत के लिए बनूंगा रफ़्तार : राहुल


14 साल की उम्र में 105 से 110 मील प्रतिघंटे की गति से करता है गेंदबाजी

जालंधर। पांच मैच, 15 ओवर, 49 रन और पांच विकेट। यह प्रदर्शन है लेफ्ट आर्म मीडियम पेसर राहुल तिवारी का। आंखों में क्रिकेट को लेकर जुनून और आत्मविश्वास से लबरेज राहुल हाल ही में मुंबई में आयोजित 55वें नेशनल स्कूली गेम में पंजाब की तरफ से अंडर-14 टीम में बतौर पेसर शामिल था। आउट और इन स्वींग कराने में माहिर राहुल अपने इस प्रदर्शन से संतुष्ट तो नहीं है लेकिन उत्साहित जरूर है। उनका कहना है कि यदि उन्हें सही मौका मिला होता तो उनके और विकेट होते। पूरे टूर्नामेंट के दौरान अक्सर उन्हें दो या तीन ओवर के बाद हटा दिया गया और दोबारा स्पेल डालने का मौका नहीं दिया गया। राहुल का कहना है कि वह पुरानी गेंद को अच्छी तरह स्विंग करा सकता है। यदि अंतिम ओवरों में मौका मिलता तो प्रदर्शन कुछ और होता। अपनी इस उपेक्षा से राहुल निराश नहीं हैं। उनका कहना है कि वह और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा। इसके लिए वह लगातार अभ्यास को तरजीह देगा। 14 साल की उम्र में करीब 105 से 110 मील प्रतिघंटे की गति से गेंदबाजी करने वाले राहुल ने कहा कि उसका सपना देश के लिए खेलना है। राहुल ने बताया कि उसके प्रदर्शन में स्कूली कोच रविंदर शर्मा का विशेष योगदान है। राहुल के क्षेत्ररक्षण की बात करें तो उसने 6 मैचों में 12 कैच लपके और सटीक थ्रो से चार खिलाडियों को रन आउट भी किया।
मुंबई में आयोजित 55वें नेशनल स्कूली गेम में पंजाब की तरफ से अंडर-14 क्रिकेट टीम से खेलने वाले राहुल को एक मैच में बल्लेबाजी करने का मौका मिला तो सात गेंद पर 15 बनाए। इसमें एक जोरदार छक्का भी शामिल है। टीम के साथी खिलाड़ी राहुल को पिंच हिटर के रूप में जानते हैं। पिछले साल जालंधर की तरफ खेलते हुए राहुल ने 37 गेंदों पर 50 रन बना डाले थे। जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल थे। जालंधर के साईं दास स्कूल में आठवीं के छात्र राहुल स्कूल और जालंधर की अंडर-14 टीम की कप्तानी भी करते हैं।

मुंबई में आयोजित 55 वें नेशनल स्कूली गेम में राहुल का प्रदर्शन

मैच ओवर रन विकेट मेडन
पहला मैच 3 6 1 1
दूसरा मैच 2 8 1 0
तीसरा मैच 1 5 0 0
चौथा मैच 3 १2 १ 0
पांचवां मैच 3 10 1 0
छठा मैच 3 8 1 0
(गेंदबाजी औसत-3.26 (प्रति ओवर))